Meaning of

ना-मुकम्मल

naa-mukammal • نا مکمل

अधूरा; अपूर्ण

incomplete; unfinished

نامکمل; ادھورا

Arabic

जिस के बिना तेरी कहानी ना-मुकम्मल है मिरी जानाँ
तेरी कहानी का ज़रूरी बस वही किरदार हूँ मैं तो

0

Download Image

या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ
गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ

वो शख़्स सालों बा'द भी कितना हसीन है
वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ

64

Download Image

ना-मुकम्मल फिर हुई मेरी ग़ज़ल
शे'र फिर तन्हा हुआ, मेरी तरह

1

Download Image

इश्क़ का माज़ी हो मुस्तक़बिल या ताज़ा इश्क़ कोई
एक नुक़्ता ने किया इस दास्ताँ को ना-मुकम्मल

1

Download Image

ना-मुकम्मल इश्क़ जिन का ज़िंदगानी में
है मुकम्मल इश्क़ उन का हर कहानी में

बे-वफ़ा को बे-वफ़ा कहते नहीं लेकिन
इश्क़ करने का है मातम ज़ीस्त-ए-फ़ानी में

1

Download Image

इश्क़ गर जो इश्क़ है तो ना-मुकम्मल ही रहेगा
हो ही जाते है मुकम्मल इश्क़ के किरदार सारे

1

Download Image

ऐ सखी बे-तहाशा मोहब्बत तिरी मुझ को हर रस्म से मावरा थी मगर
उम्र तन्हा बिताने से अच्छा ये था तुम सफ़र में कोई हम-सफ़र देखते

ना-मुकम्मल सभी ख़्वाब हैं आज तक फिर भी बस एक दिल की ख़ुशी के लिए
चश्म-ए-हैराँ से बुनते किसी ख़्वाब को फिर उसी ख़्वाब को रात भर देखते

1

Download Image

जिस के बिना तेरी कहानी ना-मुकम्मल है मिरी जानाँ
तेरी कहानी का ज़रूरी बस वही किरदार हूँ मैं तो

0

Download Image

या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ
गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ

वो शख़्स सालों बा'द भी कितना हसीन है
वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ

64

Download Image

यह शब्द अधूरेपन या पूर्णता की कमी की स्थिति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अधूरी इच्छाओं या सपनों का प्रतीक होता है, जो तड़प और मानव अपूर्णता की स्थिति को दर्शाता है।

कवि 'ना-मुकम्मल' का उपयोग अधूरेपन की सुंदरता और त्रासदी को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक अधूरी यात्रा या अनकही प्रेम कहानी की भावना को जागृत कर सकता है।

'ना-मुकम्मल' शब्द हमें जीवन के अधूरे अध्यायों में पाई जाने वाली मार्मिक सुंदरता की याद दिलाता है।