Meaning of

निखार

nikhaar • نکھار

उन्नति; चमक; परिष्कार

enhancement; glow; refinement

نکھار; چمک; نفاست

Sanskrit

तुम कली पर निखार आने दो देखना डाल ख़ुद झटक देगी — Vishal Bagh
पहले बेचारी आँखों के निखार उतरते होंगे तब जा कर इन आँखों से त्योहार उतरते होंगे — Aarush Sarkaar
मेरी चाहतों की तपिश तुझे, कभी आँच बनके निखारती तेरा जिस्म सोने का था मगर, मेरे हाथ से ये हुनर गया — Moni Gopal Tapish
दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो — Jafar Malihabadi
हम क़रीने से निखारे गए हैं ज़िंदगानी से गुज़ारे गए हैं — Aatish Indori

'निखार' मूल रूप से सुधार या सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर व्यक्ति की आंतरिक चमक या भावनाओं के परिष्कार को दर्शाता है, जो एक ऐसा परिवर्तन सुझाता है जो दृश्य और गहन दोनों है।

कवि 'निखार' का उपयोग प्रकृति या मानव चरित्र में सूक्ष्म परिवर्तनों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह प्रेम के खिलने, विचारों की स्पष्टता, या आत्मा की पवित्रता को दर्शा सकता है, अक्सर नवीनीकरण की भावना को जागृत करता है।

अपनी काव्यात्मक रूप में, 'निखार' परिवर्तन का प्रतीक बन जाता है, जो सौंदर्य और विकास के सार को पकड़ता है।