Meaning of

नेह

neh • نہہ

स्नेह; प्रेम; कोमलता

affection; love; tenderness

محبت; پیار; نرمی

Sanskrit

एक अजब सानेहा गुज़रा है मेरे माज़ी में मेरी दिलचस्पी ख़त्म हो गई है शादी में — Vishal Singh Tabish
अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो मैं अपने साए से कल रात डर गया यारो — Shahryar
रहते थे कभी जिन के दिल में हम जान से भी प्यारों की तरह बैठे हैं उन्हीं के कूचे में हम आज गुनहगारों की तरह — Majrooh Sultanpuri
अब सुलगती है हथेली तो ख़याल आता है वो बदन सिर्फ़ निहारा भी तो जा सकता था — Ameer Imam
साँवले तन पे ग़ज़ब धज है बसंती शाल की जी में है कह बैठिए अब जय कनहय्या लाल की — Insha Allah Khan
मैं ने तेरा नाम लिखा है शजरों पर उन का हर इक फूल निहारा जाएगा — Shubham Seth
निहारा था बड़ी शिद्दत से उस ने इक दफ़ा मुझ को तभी नज़रों में उस की मैं ने पूरा खो दिया ख़ुद को — Shivam Mishra

'नेह' शब्द गहरे स्नेह और कोमलता का भाव व्यक्त करता है। यह वह कोमल, पोषक प्रेम है जो संबंधों को बांधता है और आत्मा को शांत करता है। कविता में, यह अक्सर प्रेम की पवित्रता और मासूमियत का प्रतीक होता है, जो वास्तविकता की कठोरता से अछूता होता है।

कवि अक्सर 'नेह' का उपयोग प्रेम के कोमल बंधनों को चित्रित करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग प्रेमियों के बीच अनकही कोमलता, मौन समझ को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

कविता में, 'नेह' प्रेम की मूक फुसफुसाहट है, हृदय की असीम स्नेह क्षमता की कोमल याद दिलाता है।