Meaning of

नक़ाब

naqaab • نقاب

घूंघट; भेस

veil; disguise

نقاب; بھیس

Arabic

इस दौर में इंसान का चेहरा नहीं मिलता कब से मैं नक़ाबों की तहें खोल रहा हूँ — Moghisuddin Fareedi
इतनी जल्दी न गिरा अपने हसीं रुख़ पे नक़ाब तू मुझे ठीक से हैरान तो हो लेने दे — Rajesh Reddy
वो अपने चेहरे में सौ आफ़ताब रखते हैं इसीलिए तो वो रुख़ पे नक़ाब रखते हैं — Hasrat Jaipuri
है देखने वालों को सँभलने का इशारा थोड़ी सी नक़ाब आज वो सरकाए हुए हैं — Arsh Malsiyani
उस के पर्दे की इस्मत कैसी है जानाँ आँखों से तो नक़ाब उस ने हटा रखा है — ALI ZUHRI
एक चेहरे से उतरती हैं नक़ाबें कितनी लोग कितने हमें इक शख़्स में मिल जाते हैं — Khalil Ur Rehman Qamar
मुझ को ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब ख़ुद उन को ये इंतिज़ार तक़ाज़ा करे कोई — Asrar Ul Haq Majaz
तसव्वुर में भी अब वो बे-नक़ाब आते नहीं मुझ तक क़यामत आ चुकी है लोग कहते हैं शबाब आया — Hafeez Jalandhari
मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल होली की शाम ही तो सहर है बसंत की — Lala Madhav Ram Jauhar
ख़ाक बस्तियों में घर रेत के बनाओगे रोज़ रोज़ ऐसे ही ख़ूब चोट खाओगे सोचते तो हैं हम भी छत से कूद जाएँ अब फिर ख़याल आता है तुम कहाँ पे जाओगे जो हमारे हो कर भी हर किसी को देखोगे बे-वफ़ा की गिनती में यार आ ही जाओगे बे-नक़ाब होकर के हम निकल तो आएँगे हो गया कहीं कुछ भी हमपे टिन-टिनाओगे शब के आठ बजते ही तुम कहाँ पे जाते हो कोई पूछ बैठा फिर बोलो क्या बताओगे जब रक़ीब बनकर ही कुछ नहीं हुआ तुम सेे तुम हबीब बनकर क्या बस्तियाँ जलाओगे जब नज़र झुकाओगे बात बन ही जाएगी प्यार से जो बोलेंगे तुम भी मान जाओगे इश्क़ का मुहब्बत का जब बुख़ार आएगा वक़्त पर दवा लेना ख़ुद ही भूल जाओगे जब कभी भी तन्हाई नोच कर के खाएगी मेरा नाम लिख कर तुम हाथ पर मिटाओगे दास्ताँ मोहब्बत की एक बार सुन लोगे मेरा नाम गीतों में तुम भी गुन-गुनाओगे — Prashant Kumar

नक़ाब छुपाव का संकेत देता है, देखे और अनदेखे के बीच की बाधा। कविता में, यह अक्सर रहस्य, आत्मा की छिपी गहराई, या व्यक्तियों और उनके सच्चे स्व के बीच की बाधाओं का प्रतीक होता है।

कवि 'नक़ाब' का उपयोग गोपनीयता और प्रकट करने के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह समाज में लोग जो मुखौटे पहनते हैं या सतह के नीचे छिपे सत्य का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

नक़ाब पहचान की परतों और उन रहस्यों पर चिंतन करने के लिए आमंत्रित करता है जिन्हें हम छिपाना चुनते हैं।