Meaning of

नफ़स

nafs • نفس

आत्मा; स्वयं; अहंकार

soul; self; ego

روح; خود; انا

Arabic

बन कर कसक चुभती रही दिल में मिरे इक आह थी ऐ हम–नफ़स मेरे मुझे तुझ सेे वफ़ा की चाह थी — Dhiraj Singh 'Tahammul'
हर नफ़स उम्र-ए-गुज़िश्ता की है मय्यत 'फ़ानी' ज़िन्दगी नाम है मर मर के जिए जाने का — Fani Badayuni
जीना वो क्या जो हो नफ़स-ए-ग़ैर पर मदार शोहरत की ज़िंदगी का भरोसा भी छोड़ दे — Allama Iqbal
ग़ज़ल बनी है ज़िन्दगी, नफ़स नफ़स है शा'इरी, सुख़न से मेरी आशिक़ी , ग़ज़ब है बेमिसाल है — Darpan
बे वफ़ा शख़्स तेरा नाम भी मुँह से लेना इज़्ज़त-ए-नफ़्स की तौहीन समझता हूँ मैं — Shajar Abbas
ढूँडोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम जो याद न आए भूल के फिर ऐ हम-नफ़सो वो ख़्वाब हैं हम — Shad Azimabadi
तारे नफ़स पर उँगली रख दी छेड़ के तू ने बात ग़ज़ल की नोके क़लम से क़तरा-क़तरा जारी हैं रिशहात ग़ज़ल की — Navneet krishna

'नफ़स' मूल रूप से एक व्यक्ति के सार, आत्मा या स्वयं को संदर्भित करता है, जो व्यक्तित्व को परिभाषित करता है। कविता में, यह अक्सर आध्यात्मिक और भौतिक, दिव्य और सांसारिक इच्छाओं के बीच के तनाव को दर्शाता है।

कवि 'नफ़स' का उपयोग मानव आत्मा के आंतरिक संघर्षों में गहराई से उतरने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आत्मा की शुद्धता के साथ विपरीत किया जाता है, उच्च आकांक्षाओं और सांसारिक प्रलोभनों के बीच संघर्ष को उजागर करते हुए।

'नफ़स' मानव प्रकृति की द्वैतता को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण है। यह इच्छा और दिव्यता के बीच के अनंत नृत्य पर चिंतन का आमंत्रण देता है।