Meaning of

पैहम

paiham • پےہم

लगातार; निरंतर

constant; perpetual

مسلسل; دائمی

Persian

मैं पैहम हार कर ये सोचता हूँ वो क्या शय है जो हारी जा रही है — Jaun Elia
यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें — Allama Iqbal
ज़ख़्म जो दे रहा है पैहम वो था कभी चारा-गर मोहब्बत में — Avinash Chaudhary
मिरी जाँ, दास्तानी थे, मिरी जाँ, दास्तानी कि पैहम इस कहानी में वहीं के हम वहीं थे — P A Shaaz
इश्क़ में बेवफ़ाई-ए-पैहम हम छुपाया किए मगर न छुपी — A R Sahil "Aleeg"
बोले वो बोसा-हा-ए-पैहम पर अरे कम-बख़्त कुछ हिसाब भी है — Hasan Barelvi
अब नहीं चाहिए शिफ़ा मुझ को दर्द अब हो मुझे तो पैहम हो — Amaan Pathan
आरज़ी थी ज़िन्दगी और दर्द पैहम थे मेरे दर्द को हम करते कम या ज़िन्दगी को देखते — Aman Kumar Shaw "Haif"
इश्क़ में बेवफ़ाई-ए-पैहम हम छुपाया किए मगर न छुपी — A R Sahil "Aleeg"

'पैहम' शब्द निरंतरता और अनवरत प्रवाह की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर समय के अथक प्रवाह या प्रेम की स्थायी प्रकृति को दर्शाता है, जो एक अनंत चक्र का सुझाव देता है जो समय को पार कर जाता है।

कवि 'पैहम' का उपयोग भावनाओं की अथक प्रकृति या समय की अडिग गति को जागृत करने के लिए करते हैं। यह शाश्वत प्रेम या भाग्य के खिलाफ निरंतर संघर्ष का प्रतीक हो सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'पैहम' अस्तित्व के शाश्वत नृत्य की बात करता है, जहाँ शुरुआत और अंत एक में मिल जाते हैं।