Meaning of

फर्ज़

farz • فرض

कर्तव्य; दायित्व; ज़िम्मेदारी

duty; obligation; responsibility

فرض; ذمہ داری; فریضہ

Arabic

एक के घर की ख़िदमत की और एक के दिल से मोहब्बत की दोनों फ़र्ज़ निभा कर उस ने सारी उम्र इबादत की — Zehra Nigaah
बदन उतार के खूँटी पे टाँग आया हूँ तुम्हारा फ़र्ज़ है मुझ को गले लगाने का — Harsh saxena
इस दिल की जवानी के दिन तो यूँँ कम नहीं होते हाँ फ़र्ज़ की ज़िम्मेदारी में मैं हम नहीं होते — arjun chamoli
उन का जो फ़र्ज़ है वो अहल-ए-सियासत जानें मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे — Jigar Moradabadi
अज़ल से मेरी हिफ़ाज़त का फ़र्ज़ है उन पर सभी दुखों को मेरे आस-पास होना है — Rahul Jha
आइना भी नहीं पकड़ पाता मेरी इस फ़र्ज़ी मुस्कुराहट को — ABhishek Parashar
की दोस्ती जो यार निभाऊँगा मैं ज़रूर ये फ़र्ज़ अपना आज चुकाऊँगा मैं ज़रूर — Navneet krishna
यूँँ दिल तो पूरी ज़िंदगी जवान रहता है हाँ फ़र्ज़ के वजह से किस को ध्यान रहता है — arjun chamoli

'फर्ज़' शब्द नैतिक और सामाजिक ज़िम्मेदारी का भार लिए हुए है। कविता में, यह अक्सर व्यक्तिगत इच्छाओं और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच के तनाव को दर्शाता है, जो अपने कर्तव्यों को पूरा करने की आंतरिक संघर्ष को उजागर करता है।

'फर्ज़' का उपयोग कवि बलिदान और कर्तव्य के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर प्रेम या स्वतंत्रता के साथ विपरीत रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे एक मार्मिक तनाव उत्पन्न होता है। संदर्भ के अनुसार, यह सम्मान या बोझ की भावना को जागृत कर सकता है।

कविता में, 'फर्ज़' मानव स्थिति का प्रतिबिंब बन जाता है, जहाँ कर्तव्य अक्सर बलिदान के साथ चलता है।