आप क्यूँँ रोएँगे मेरी ख़ातिर फ़र्ज़ ये सारे इस ग़ुलाम के हैंदिन में सौ बार याद करता हूँपासवर्ड सारे तेरे नाम के हैं— Aadil Rasheed