Meaning of

फ़क़त

faqat • فقط

केवल; मात्र; बस

only; merely; just

صرف; محض; بس

Arabic

ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम — Sahir Ludhianvi
यूँँ नहीं है कि फ़क़त मैं ही उसे चाहता हूँ जो भी उस पेड़ की छाँव में गया बैठ गया — Tehzeeb Hafi
लोग औरत को फ़क़त जिस्म समझ लेते हैं रुह भी होती है उस में ये कहाँ सोचते हैं — Sahir Ludhianvi
एक सीता की रिफ़ाक़त है तो सब कुछ पास है ज़िंदगी कहते हैं जिस को राम का बन-बास है — Hafeez Banarasi
शाम ढलने से फ़क़त शाम नहीं ढलती है उम्र ढल जाती है जल्दी पलट आना मेरे दोस्त — Ashfaq Nasir
तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है — Unknown
किसी को फिर भी महँगे लग रहे थे फ़क़त साँसों का खर्चा था हमारा — Shariq Kaifi
माँ की दुआ न बाप की शफ़क़त का साया है आज अपने साथ अपना जनम दिन मनाया है — Anjum Saleemi

'फ़क़त' शब्द में सीमितता या विशिष्टता का भाव होता है, जो अक्सर किसी स्थिति की एकलता या सरलता को उजागर करने के लिए प्रयोग किया जाता है। कविता में, यह न्यूनतमता की भावना को जागृत कर सकता है, जहाँ सार को उसके मूल में उतारा जाता है।

कवि अक्सर 'फ़क़त' का उपयोग किसी भावना या क्षण की एकलता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रेम की पवित्रता, सत्य की सरलता, या एकांत की कठोरता को रेखांकित कर सकता है।

अपनी सरलता में, 'फ़क़त' हमें यह सोचने के लिए आमंत्रित करता है कि वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है। यह मूल में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।