Meaning of

फ़राग़

faraagh • فراغ

आराम; अवकाश; चिंता से मुक्ति

relief; leisure; freedom from care

آرام; فرصت; بے فکری

Arabic

इस ज़िन्दगी में इतनी फ़राग़त किसे नसीब इतना न याद आ कि तुझे भूल जाएँ हम — Ahmad Faraz
नहीं इस खुली फ़ज़ा में कोई गोशा-ए-फ़राग़त ये जहाँ अजब जहाँ है न क़फ़स न आशियाना — Allama Iqbal
जो ज़मीं ख़ुद कभी न हो साकित उस ज़मीं पर फ़राग़ क्यूँ ढूँढूँ — Javed Aslam
फ़राग़-ए-दिल जला दो ग़म बचा के रख हलक़ से चीख़ना है,दम बचा के रख — Nikhil Tiwari 'Nazeel'
फ़राग़त से दुनिया में हर दम न बैठो अगर चाहते हो फ़राग़त ज़ियादा — Altaf Hussain Hali
वो फ़रागत में अदावत भी निभाता खूब यारों नासमझ हम थे रिफ़ाक़त को ख़ुदा जो यार माना — Udit Narayan Mishra

मूल रूप से, 'फ़राग़' का अर्थ है बोझ या कर्तव्यों से मुक्त होना। यह शांति और सुकून की भावना को जगाता है, समय की निरंतर गति में एक ठहराव। कविता में, यह शब्द अक्सर आध्यात्मिक या भावनात्मक मुक्ति का सुझाव देता है, आत्मा को शांति का क्षण मिलता है।

'फ़राग़' का उपयोग कवि आंतरिक शांति और चिंतन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर जीवन की अराजकता के विपरीत रखा जाता है, एकांत के क्षणों को उजागर करते हुए। यह शब्द सांसारिक बंधनों से मुक्ति की लालसा का भी सुझाव दे सकता है।

'फ़राग़' की शांति में, कोई हृदय की सच्ची इच्छाओं की गूंज पाता है। यह स्थिरता में पाए जाने वाले सौंदर्य की एक कोमल याद दिलाता है।