Meaning of

फ़िक्र

fikr • فکر

चिंता; फिक्र; विचार

worry; concern; thought

فکر; تشویش; خیال

Arabic

निगाह-ए-गर्म क्रिसमस में भी रही हम पर हमारे हक़ में दिसम्बर भी माह-ए-जून हुआ — Akbar Allahabadi
फ़िक्र-ए-ईजाद में गुम हूँ मुझे ग़ाफ़िल न समझ अपने अंदाज़ पर ईजाद करूँँगा तुझ को — Jaun Elia
फ़िक्र करता ही नहीं अब, याद रहता है यही कुछ भी अच्छा या बुरा हो, सोचते बस हैं तुझे — Divya 'Kumar Sahab'
वो मेरी फिक्र तो करता है मगर प्यार नहीं या'नी पाज़ेब में घुँघरू तो है झंकार नहीं — Harman Dinesh
दुनिया की फ़िक्र छोड़, न यूँँ अब उदास बैठ ये वक़्त रब की देन है, अम्मी के पास बैठ — Salman Zafar
मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया — Sahir Ludhianvi
कभी तुझ सेे मिलेंगे तो कहेंगे झूठ तुझ सेे हम न तेरी फ़िक्र करते हैं न तुझ को याद करते हैं — Sapna Moolchandani
थी वस्ल में भी फ़िक्र-ए-जुदाई तमाम शब वो आए तो भी नींद न आई तमाम शब — Momin Khan Momin

मूल रूप से 'फ़िक्र' मानसिक व्यस्तता या चिंता की स्थिति को दर्शाता है। कविता में, यह केवल चिंता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जीवन की अनिश्चितताओं और मानव स्थिति पर गहन चिंतन बन जाता है।

कवि अक्सर 'फ़िक्र' का उपयोग अस्तित्वगत भय, अनकहे विचारों के बोझ, और आत्मा द्वारा उठाए गए मौन भार की खोज के लिए करते हैं।

कविता में, 'फ़िक्र' मानव मन की गहराइयों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।