Meaning of

फ़ुर्क़त

furqat • فرقت

वियोग; दूरी; लालसा

separation; distance; longing

جدائی; فاصلہ; تڑپ

Arabic

मिले फ़ुर्सत तो सुन लेना किसी दिन
मिरा क़िस्सा निहायत मुख़्तसर है

25

Download Image

आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें
इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें

143

Download Image

ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली
मेरी मौजूदगी में सो रही है

130

Download Image

याद भी आता नहीं कुछ भूलता भी कुछ नहीं
या बहुत मसरूफ़ हूँ मैं या बहुत फ़ुर्सत में हूँ

63

Download Image

अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना
हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है

43

Download Image

मेरा हर दिन तेरी फ़ुर्क़त में बसर होता है
यार होना तो नहीं चाहिए, पर होता है

37

Download Image

तब हम दोनों वक़्त चुरा कर लाते थे
अब मिलते हैं जब भी फ़ुर्सत होती है

36

Download Image

मेरी हर गुफ़्तगू ज़मीं से रही
यूँँ तो फ़ुर्सत में आसमान भी था

31

Download Image

इतना मसरूफ़ हूँ जीने की हवस में 'शाहिद'
साँस लेने की भी फ़ुर्सत नहीं होती मुझ को

29

Download Image

श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा
किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा

25

Download Image

मिले फ़ुर्सत तो सुन लेना किसी दिन
मिरा क़िस्सा निहायत मुख़्तसर है

25

Download Image

आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें
इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें

143

Download Image

फ़ुर्क़त वियोग और उसके साथ आने वाली गहरी लालसा का सार समेटे हुए है। कविता में, यह केवल भौतिक दूरी नहीं है बल्कि भावनात्मक खाई है जो गूंजती है, अक्सर उदासी और चिंतन की भावना को जगाती है।

कवि 'फ़ुर्क़त' का उपयोग लालसा और अनुपस्थिति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो अलगाव के दर्द, अधूरी प्रेम की मौन गूंज को व्यक्त करता है।

फ़ुर्क़त हमारे बीच की जगहों की एक मार्मिक याद दिलाती है, जो कभी थी और जो हो सकती थी उसकी गूंज से भरी हुई है।