Meaning of

फिदा

fida • فدا

बलिदान; समर्पित; मोहित

sacrificed; devoted; enamored

قربان; وقف; عاشق

Arabic

मैं तुझे बज़्म में लाऊँगा मेरी जान मगर लोग जब दूसरे चेहरों पे फ़िदा हो जाएँ — Ashu Mishra
रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया इस बहकती हुई दुनिया को सँभालो यारो — Dushyant Kumar
अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है — Jaani Lakhnavi
शा'इरी का फ़न तुम भी सीख लो ज़रा हम सेे बस गिटार पर ही लड़की फ़िदा नहीं होती — Krishnakant Kabk
कोई ज़िन्दगी काटता है किसी पे सफलता फ़िदा है — Abuzar kamaal
ऐसे हँस हँस के न देखा करो सब की जानिब लोग ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं — Majrooh Sultanpuri
ज़माना तो फ़िदा है मुस्कुराहट पर हमारी मगर दिल थक चुका है कसरत-ए-लब से बहुत अब — Kiran K

मूल रूप में, 'फिदा' बलिदान और समर्पण का विचार व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर एक प्रेमी की छवि को दर्शाता है जो अपने प्रिय के लिए सब कुछ त्यागने को तैयार है, निःस्वार्थता और गहरे प्रेम की भावना को पकड़ता है।

'फिदा' का उपयोग कवि प्रेम और समर्पण की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एकतरफा प्रेम के विपरीत होता है, प्रेमी की बलिदान की इच्छा को उजागर करता है। यह शब्द जुनून और समर्पण की जीवंत छवि प्रस्तुत करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'फिदा' प्रेम के अंतिम कार्य का प्रतीक है - एक पूर्ण समर्पण। यह हृदय की गहरी इच्छाओं और निःस्वार्थ प्रेम की सुंदरता को व्यक्त करता है।