Meaning of

फिरोगे

firoge • فروغ

वृद्धि; समृद्धि; चमक

growth; prosperity; radiance

ترقی; خوشحالی; چمک

Persian

उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का — Meer Taqi Meer
उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का — Meer Taqi Meer
एक दिवाने की यादों में एक दिवानी रक़्स करेगी सन्नाटे की तिर-किट-धिन पर रोज़ उदासी रक़्स करेगी यार कहानी लिखने वाले, जल्दी मिलवा हम दोनों को हम दोनों के मिलने पर ही तेरी कहानी रक़्स करेगी मेरी ग़ज़लें तुम गाओ तो ख़ुशबू ख़ुशबू हो जाएगी जैसे चम्पा के फूलों पर नन्ही तितली रक़्स करेगी तानाशाह ने क्या सोचा था, शहज़ादी को बाँध सकेगा प्यादे की धुन पर गाएगी, इश्क़ करेगी, रक़्स करेगी इक मुद्दत से गुम सुम थी जो, पिया मिलन पर चहक उठी है ढ़ोल नगाड़े बजवाओ अब, पागल लड़की रक़्स करेगी हम दोनों के मिल जाने से झूम उठेगा सारा मथुरा मोहन के काँधे पर सर रख राधा रानी रक़्स करेगी — RAVI GOSWAMI
खिला खिला वो आसमाँ फ़ज़ा लगे जमाल है फ़रोग़ से ही हुस्न की सदा बड़ी कमाल है — Manohar Shimpi
रुख़्सार पर है रंग-ए-हया का फ़रोग़ आज बोसे का नाम मैं ने लिया वो निखर गए — Hakim Mohammad Ajmal Khan Shaida
फिरोगे दिलों को मिलेगा न कोई अगर बस चलेगा बसोगे नहीं तुम — Anurag Pandey
इक रोज़ मैं विदा हो जाऊँगा इस ज़हाँ से फिर खोजते फिरोगे नभ में सितारों के बीच — Sandeep dabral 'sendy'
फ़ज़ा की गर्द में मुझ को फ़रोग़-ए-हुस्न दिखता है बयारों से कभी पूछो वो कितनी ख़ूब-सूरत है — Manohar Shimpi
आदतन तुम अपनी बातों से फिरोगे था पता दिल है दिल का क्या करें बस इश्क़ की तामील की — Ajeetendra Aazi Tamaam

मूल रूप में 'फिरोगे' का अर्थ वृद्धि और समृद्धि से है, जो अक्सर प्रकाश और समृद्धि से जुड़ा होता है। कविता में, यह सुंदरता की चमक और आत्मा की वृद्धि की छवियाँ प्रस्तुत करता है, जो भावनात्मक और आध्यात्मिक रोशनी के क्षेत्रों में विस्तार करता है।

'फिरोगे' का उपयोग कवि प्रेम या आत्मा की वृद्धि को दर्शाने के लिए करते हैं। यह अक्सर अंधकार या ठहराव के विपरीत होता है, परिवर्तन और प्रबोधन को उजागर करता है।

'फिरोगे' प्रकाश और वृद्धि के अनंत नृत्य का प्रतीक है, आत्मा की यात्रा के लिए एक प्रकाशस्तंभ।