Meaning of

फुरात

furaat • فرات

फुरात; एक नदी

Euphrates; a river

فرات; ایک دریا

Arabic

साधना का यज्ञ ये है आहुती दूँ ज़िंदगी की — Vinod Ganeshpure
हमारी सफलता का भी पेड़ देखो नहीं सिर्फ़ श्रम साधना से हरा है — Vinod Ganeshpure
सपने गए सुकून भी उल्फ़त चली गई मिलने की अपने आप से फ़ुर्सत चली गई मेरी तो बोलने की ही आदत चली गई तेरे ही साथ सारी शरारत चली गई खुशियांँ थीं उस सेे घर में थीं आंँगन में रौनकें बिटिया के साथ घर की भी बरकत चली गई छूटा तुम्हारा साथ तो बाक़ी ही क्या बचा दिल में जो पल रही थी वो हसरत चली गई आते नहीं फ़क़ीर न साइल भी आजकल माँ क्या गई कि घर की रिवायत चली गई मेरे सुख़न पे तू ने उठाईं जो उँगलियाँ मेरी तमाम उम्र की मेहनत चली गई यूँँंँ भी कभी जहान में इफ़रात में न थी थोड़ी बहुत थी वो भी सदाक़त चली गई होती नहीं है शे'र की आमद भी अब नज़र तुम क्या गए कि लफ़्ज़ की ताक़त चली गई — Nazar Dwivedi
मुस्कुरा के तू गर पिलाए तो एक क़तरा फ़ुरात है साक़ी — Parvez Zaami
लफ़्ज़ों में क्या बयान हो कर्बल की तिश्नगी प्यासी रही फ़ुरात पे रोना पड़ा मुझे — shahnawaaz khan

फुरात, एक नदी का नाम, जीवनदायिनी जल और प्राचीन सभ्यताओं की छवियों को उभारता है। कविता में, यह समय के प्रवाह और जीवन की निरंतरता का प्रतीक है, अक्सर प्रचुरता और पोषण के रूपक के रूप में कार्य करता है।

कवि अक्सर फुरात का उपयोग कालातीतता और प्रकृति के पोषण पहलुओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम और हानि की कहानियों के लिए एक पृष्ठभूमि हो सकता है, जहां नदी का प्रवाह भावनाओं के प्रवाह को दर्शाता है।

फुरात एक कालातीत साक्षी है, एक नदी जो इतिहास की गूंज और कल की फुसफुसाहट को वहन करती है।