Meaning of

फुर्क़त

furqat • فرقت

वियोग; अनुपस्थिति के कारण तड़प

separation; longing due to absence

جدائی; عدم موجودگی کی وجہ سے تڑپ

Arabic

आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें — Rahat Indori
याद भी आता नहीं कुछ भूलता भी कुछ नहीं या बहुत मसरूफ़ हूँ मैं या बहुत फ़ुर्सत में हूँ — Bharat Bhushan Pant
मेरा हर दिन तेरी फ़ुर्क़त में बसर होता है यार होना तो नहीं चाहिए, पर होता है — Harman Dinesh
मेरी हर गुफ़्तगू ज़मीं से रही यूँँ तो फ़ुर्सत में आसमान भी था — Madan Mohan Danish
श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा — Abid Hashri
ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है — Jaun Elia
अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है — Bashir Badr
तब हम दोनों वक़्त चुरा कर लाते थे अब मिलते हैं जब भी फ़ुर्सत होती है — Javed Akhtar
इतना मसरूफ़ हूँ जीने की हवस में 'शाहिद' साँस लेने की भी फ़ुर्सत नहीं होती मुझ को — Shahid Zaki
मिले फ़ुर्सत तो सुन लेना किसी दिन मिरा क़िस्सा निहायत मुख़्तसर है — Hafeez Banarasi

फुर्क़त शब्द वियोग की गहरी भावनात्मक भूमि को उजागर करता है। अपने मूल अर्थ में, यह शारीरिक या भावनात्मक दूरी को दर्शाता है, जो अक्सर गहरी तड़प के साथ होती है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव भावनाओं की गहराईयों को खोजा जा सके, जहाँ अनुपस्थिति तड़प और चिंतन के लिए एक कैनवास बन जाती है।

कवि अक्सर 'फुर्क़त' का उपयोग भाग्य द्वारा बिछड़े प्रेमियों के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हृदय की मौन पुकारों का रूपक बन जाता है। यह शब्द 'विसाल' के साथ विरोधाभास करता है, जो मिलन की खुशी है, प्रेम की द्वैतता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'फुर्क़त' अनुपस्थिति की स्थायी शक्ति का प्रमाण है। यह हमें याद दिलाता है कि तड़प उपस्थिति जितनी ही गहरी हो सकती है।