Meaning of

बंजर

banjar • بنجر

बंजर; ऊसर; वीरान

barren; infertile; desolate

بنجر; بانجھ; ویران

Persian

आजकल हाल मेरा ऐसा है किसी बंज़र जमीन जैसा है — Gulshan
इसी उम्मीद से मैं देखता हूँ रास्ता उस का वो आएगा ज़मी बंजर में इक दिन घर उगाने को — Kushal "PARINDA"
पानी, किरन, हवा भी मुयस्सर नहीं हुए ये हौसला है अपना कि बंजर नहीं हुए — Anjali Sahar
ये इनायत की ही 'अज़मत है सितमगर तुझ में कोई बंजर सी ज़मीं फूल खिला सकती हो — Adarsh Anand Amola
ज़ियादा है नमक अश्कों में मेरे ज़मीं ये दिल की बंजर हो रही है — Priya omar
किसी को शिद्दत से प्यार करना फ़क़त ऐ लोगों सिखाया मैं ने किसी की बंजर ज़मीं पे चाहत का यूँँ शजर भी लगाया मैं ने — Danish Balliavi

'बंजर' शब्द खालीपन और वीरानी का भाव जगाता है। कविता में, यह केवल भौतिक ऊसरता नहीं बल्कि भावनात्मक या आध्यात्मिक शून्यता का भी प्रतीक है, जहाँ जीवन ठहर सा गया हो या मुरझा गया हो।

कवि अक्सर 'बंजर' का उपयोग हृदय और आत्मा के उन परिदृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं, जहाँ सपने मुरझा गए हैं और आशाएँ सुप्त पड़ी हैं। यह उर्वरता और विकास की छवियों के विपरीत है, अनुपस्थिति की कठोरता को उजागर करता है।

'बंजर' की कठोर छवि हमें उन मौन स्थानों की याद दिलाती है जहाँ जीवन ठहरता है, नवीनीकरण की प्रतीक्षा में।