Meaning of

बयार

bayaar • بیار

समीर; मंद पवन

breeze; gentle wind

نسیم; ہلکی ہوا

Sanskrit

आबियारी से हमारी बाग तब उन का खिला था
पतझड़ों सी ज़िन्दगी को साथ ले जब वो मिला था

रौशनी देकर उसे हम तीरगी में जी रहे हैं
सुब्ह मेरी ले गया वो शब के जैसे जो मिला था

0

Download Image

न जाने कौन सी बयार चल रही
ख़ुशी की ज़िंदगी से रार चल रही

बुढ़ा गया है बाप जो बनाने में
उसी को बांटने में मार चल रही

11

Download Image

"मैं तुम्हें ढूँडता रहा"

दिल के वीराने में प्यार के अफ़साने में
झील के पानी में ख़्वाब की रवानी में
फूलों की महक में बयार की लहक में
मैं तुम्हें ढूँडता रहा
या'नी कि गैर से
निज का पता पूछता रहा
मैं तुम्हें ढूँडता रहा

1

Download Image

ब हुक्में रब तेरे खेतों की दहकाँ
मुसलसल आबयारी हो रही है

1

Download Image

फ़ज़ा की गर्द में मुझ को फ़रोग़-ए-हुस्न दिखता है
बयारों से कभी पूछो वो कितनी ख़ूब-सूरत है

1

Download Image

आबियारी से हमारी बाग तब उन का खिला था
पतझड़ों सी ज़िन्दगी को साथ ले जब वो मिला था

रौशनी देकर उसे हम तीरगी में जी रहे हैं
सुब्ह मेरी ले गया वो शब के जैसे जो मिला था

0

Download Image

न जाने कौन सी बयार चल रही
ख़ुशी की ज़िंदगी से रार चल रही

बुढ़ा गया है बाप जो बनाने में
उसी को बांटने में मार चल रही

11

Download Image

बयार का अर्थ है मंद समीर का कोमल स्पर्श, प्रकृति की सांस की फुसफुसाहट। कविता में, यह अक्सर परिवर्तन, समय के प्रवाह, या प्रकृति की गोद के सुखदायक उपस्थिति का प्रतीक होता है।

कवि 'बयार' का उपयोग क्षणभंगुरता और शांति के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह परिवर्तन का अग्रदूत हो सकता है, जीवन के क्षणभंगुर क्षणों की कोमल याद दिला सकता है, या शांति और सुकून का प्रतीक हो सकता है।

बयार कोमल परिवर्तन का सार ले जाती है, दुनिया के शाश्वत नृत्य की एक मृदु फुसफुसाहट। कविता में, यह शांत क्षणों की सांस है।