"मैं तुम्हें ढूँडता रहा"दिल के वीराने में प्यार के अफ़साने मेंझील के पानी में ख़्वाब की रवानी मेंफूलों की महक में बयार की लहक मेंमैं तुम्हें ढूँडता रहाया'नी कि गैर सेनिज का पता पूछता रहामैं तुम्हें ढूँडता रहा— RAJDIP KOTA