Meaning of

लहक

lahak • لہک

दीप्ति; चमक; उत्साह

glow; radiance; fervor

چمک; روشنی; جوش

Arabic

तू कि रौशन दिए की महक की तरह,सर्द रातों के दिल में
लहकता हुआ

मैं कि सूरज का टुकड़ा मगर बुझ गया, शाम के दर पे आख़िर सिसकता हुआ

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"मैं तुम्हें ढूँडता रहा"

दिल के वीराने में प्यार के अफ़साने में
झील के पानी में ख़्वाब की रवानी में
फूलों की महक में बयार की लहक में
मैं तुम्हें ढूँडता रहा
या'नी कि गैर से
निज का पता पूछता रहा
मैं तुम्हें ढूँडता रहा

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तू कि रौशन दिए की महक की तरह,सर्द रातों के दिल में
लहकता हुआ

मैं कि सूरज का टुकड़ा मगर बुझ गया, शाम के दर पे आख़िर सिसकता हुआ

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"मैं तुम्हें ढूँडता रहा"

दिल के वीराने में प्यार के अफ़साने में
झील के पानी में ख़्वाब की रवानी में
फूलों की महक में बयार की लहक में
मैं तुम्हें ढूँडता रहा
या'नी कि गैर से
निज का पता पूछता रहा
मैं तुम्हें ढूँडता रहा

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लहक एक जीवंत ऊर्जा और चमक का एहसास कराता है। मूल रूप से, यह एक भौतिक चमक या प्रकाश को दर्शाता है, लेकिन कविता में, यह भावनाओं की तीव्रता और जुनून की गर्मी को पकड़ता है। यह वह प्रकाश है जो भीतर से निकलता है, आत्मा को प्रकाशित करता है।

कवि 'लहक' का उपयोग प्रेम की चमक या युवावस्था के उत्साह को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आशा की आंतरिक रोशनी या आगे बढ़ने वाले उग्र जुनून का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर अंधकार या निराशा के विपरीत होता है, प्रकाश की विजय को उजागर करता है।

लहक आत्मा की उज्ज्वल चमक का प्रतीक है, आशा और जुनून का एक प्रकाशस्तंभ। यह हमें भीतर की रोशनी की याद दिलाता है।