Meaning of

बरक़त

barqat • برکت

आशीर्वाद; समृद्धि; प्रचुरता

blessing; prosperity; abundance

برکت; خوشحالی; فراوانی

Arabic

मेरा बटुआ नहीं होता है ख़ाली तेरी तस्वीर की बरकत रही माँ — Satya Prakash Soni
सपने गए सुकून भी उल्फ़त चली गई मिलने की अपने आप से फ़ुर्सत चली गई मेरी तो बोलने की ही आदत चली गई तेरे ही साथ सारी शरारत चली गई खुशियांँ थीं उस सेे घर में थीं आंँगन में रौनकें बिटिया के साथ घर की भी बरकत चली गई छूटा तुम्हारा साथ तो बाक़ी ही क्या बचा दिल में जो पल रही थी वो हसरत चली गई आते नहीं फ़क़ीर न साइल भी आजकल माँ क्या गई कि घर की रिवायत चली गई मेरे सुख़न पे तू ने उठाईं जो उँगलियाँ मेरी तमाम उम्र की मेहनत चली गई यूँँंँ भी कभी जहान में इफ़रात में न थी थोड़ी बहुत थी वो भी सदाक़त चली गई होती नहीं है शे'र की आमद भी अब नज़र तुम क्या गए कि लफ़्ज़ की ताक़त चली गई — Nazar Dwivedi
मुफलिसी में रहे अदाकारी है अमीरी, ख़राब बरकत को — Vishal Jha
रोज़ी में बरकत की ख़ातिर सर झुकता है सर झुकते ही रोज़ी में बरकत के सपने — ZafarAli Memon
उस को कहाँ ख़बर कि गईं घर से बरकतें वो ख़ुश है बस इसी में कि मेहमान तो गया — Shakir Dehlvi
छोड़ दी हम ने पूजा नमाज़े सभी आए कैसे घरों में भला बरकतें — Shayar Sadiq hassan

'बरकत' मूल रूप से दिव्य आशीर्वाद या समृद्धि का संकेत देता है। कविता में, यह अक्सर अनुग्रह और प्रचुरता की भावना को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है, एक ऐसा जीवन जो आध्यात्मिक या भौतिक उपहारों से समृद्ध होता है।

कवि 'बरकत' का उपयोग दिव्य कृपा और जीवन की समृद्धि के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह आध्यात्मिक ज्ञान और भौतिक संपत्ति दोनों का प्रतीक हो सकता है। अक्सर कमी या अभाव के विपरीत होता है।

कविता में, 'बरकत' जीवन के उदार उपहारों और उस अनुग्रह का प्रतीक बन जाता है जो अस्तित्व को समृद्ध करता है।