Meaning of

बहर-ए-ख़ुदा

bahre-khuda • بہرے خدا

भगवान के लिए; ईश्वर की कृपा से

for God's sake; by God's grace

خدا کے لیے; خدا کی مہربانی سے

Persian

क़फ़स उदास है यारों सबास कुछ तो कहो कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले — Faiz Ahmad Faiz
आप अब सब्र करें बहर-ए-ख़ुदा मत रोएँ बेटियाँ रोती हैं तो बाप का दिल दुखता है — Shajar Abbas

'बहर-ए-ख़ुदा' एक विनती या आह्वान है, जो अक्सर निराशा या गंभीरता को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह ईमानदारी और विनम्रता का भार वहन करता है, ज़रूरत के समय में दिव्य हस्तक्षेप या दया का आह्वान करता है।

कवि 'बहर-ए-ख़ुदा' का उपयोग गहरी तात्कालिकता या विनती को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जहाँ वक्ता दिव्य सहायता की तलाश करता है या गहरी भावनात्मक विनती करता है। यह वाक्यांश मानव दुर्बलता और दिव्य शक्ति के बीच के अंतर को भी उजागर कर सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'बहर-ए-ख़ुदा' नश्वर और दिव्य के बीच एक पुल है, उच्च शक्तियों पर मानव आत्मा की निर्भरता का प्रमाण है।