Meaning of

बहस

bahs • بحث

बहस; चर्चा

debate; discussion

بحث; گفتگو

Arabic

न करो बहस हार जाओगी हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं — Jaun Elia
दूर अगर रहते हैं माँ से हम ख़र्चीले हो जाते हैं ऐसा खाना मिलता है सब कपड़े ढीले हो जाते हैं — Tanoj Dadhich
सिगरटें चाय धुआँ रात गए तक बहसें और कोई फूल सा आँचल कहीं नम होता है — Wali Aasi
इल्म इतना तो मुझे हासिल है बे-सबब कोई बहस अच्छी नहीं — Ananya Rai Parashar
चश्मा पहना है सब ने अलग रंग का बहस है उन में दुनिया का क्या रंग है — Dr Faisal siddiqui
ये बहस छोड़ कि कितनी हसीन है दुनिया तू ये बता कि तेरा दिल कहीं लगा कि नहीं — Vijay Sharma
मज़हबी बहस मैं ने की ही नहीं फ़ालतू अक़्ल मुझ में थी ही नहीं — Akbar Allahabadi
भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ आजकल दिल्ली में है ज़ेर-ए-बहस ये मुद्दआ' — Dushyant Kumar
अदू से बात क्या करना अमन की चलो अब बहस करते हैं चमन की — Manohar Shimpi

'बहस' शब्द विचारों के औपचारिक या अनौपचारिक आदान-प्रदान को संदर्भित करता है, जिसमें अक्सर विभिन्न दृष्टिकोण शामिल होते हैं। कविता में, यह आंतरिक संघर्षों या हृदय और मस्तिष्क के बीच संवाद का प्रतीक हो सकता है, जो कथा को गहराई और तनाव से समृद्ध करता है।

कवि 'बहस' का उपयोग संघर्ष, समाधान, और समझ के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह विरोधी इच्छाओं के बीच संघर्ष या सत्य की खोज को दर्शा सकता है।

कविता में, 'बहस' मानव मनोविज्ञान की जटिलताओं को प्रतिबिंबित करने वाला एक दर्पण बन जाता है, आत्मनिरीक्षण को आमंत्रित करता है।