Meaning of

बाहम

baaham • باہم

साथ; परस्पर

together; mutually

ساتھ; باہمی

Persian

एक दूजे को देख के बाहम
संग पिघला हुआ था मोम के साथ

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दुनिया कितनी ही ख़ूब-सूरत हो
आप बाहम नहीं तो कुछ भी नहीं

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और क्या यार चाहता हूँ मैं
बस तेरा प्यार चाहता हूँ मैं

जो चले उम्र भर मेरे बाहम
दोस्त दो चार चाहता हूँ मैं

दोस्ती हो या दुश्मनी यारब
आर या पार चाहता हूँ मैं

जिस सेे शिकवा न हो किसी को भी
हाँ वो किरदार चाहता हूँ मैं

जो मिटा दे जहाँ से नफरत को
ऐसी सरकार चाहता हूँ मैं

जीत भी जाऊँ गर ज़माने को
आपसे हार चाहता हूँ मैं

वक़्त आख़िर है आ भी जा ज़ालिम
सिर्फ़ दीदार चाहता हूँ मैं

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सवालों में जवाबों में ख़यालों में
तुझे ढूंढ़ा है तू बाहम नहीं मिलता

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मुद्दतों जो रहे जुदा होकर
नूर की बारिशों में बाहम हैं

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बाहम किए इन्हें जो यही ढाल बन गए
आई समझ में टुकड़ों की क़ुव्वत शिकस्ता दिल

ये और बात उस ने किया क़त्ल अहद का
ये और बात ज़िंदा थी निस्बत शिकस्ता दिल

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मोहब्बत के सफ़र में हम-क़दम होना ज़रूरी है
अगर हो इम्तिहाँ तो हम-सफ़र होना ज़रूरी है

ज़रूरी है समझना हम-नवा के आरज़ू को भी
अगर जो इश्क़ है बाहम-दिगर होना ज़रूरी है

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एक दूजे को देख के बाहम
संग पिघला हुआ था मोम के साथ

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दुनिया कितनी ही ख़ूब-सूरत हो
आप बाहम नहीं तो कुछ भी नहीं

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'बाहम' शब्द एकता और साथ होने की भावना को जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह साथ होने या परस्पर क्रिया को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि संगति, साझा अनुभवों और सामूहिक अस्तित्व की सुंदरता की खोज की जा सके।

'बाहम' का प्रयोग कवि अक्सर प्रेमियों या मित्रों की निकटता को दर्शाने के लिए करते हैं। यह प्रकृति और मानवता के आपसी संबंध को चित्रित कर सकता है। यह शब्द एकांत के विपरीत, संगति की गर्माहट को उजागर कर सकता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'बाहम' हमें जोड़ने वाले बंधनों की कोमल याद दिलाता है। यह हृदय की जुड़ाव की लालसा को व्यक्त करता है।