Meaning of

बे-बस

be-bas • بے بس

लाचार; असहाय

helpless; powerless

لاچار; بے اختیار

Persian

बे बसी की आबरू रक्खी है हम ने इस तरह
हिज्र को बोला है साथी इश्क़ जब रुख़्सत हुआ

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नेकी इक दिन काम आती है हम को क्या समझाते हो
हम ने बे-बस मरते देखे कैसे प्यारे प्यारे लोग

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'ताहिर' उन बे-बस लम्हों का अहद निभाना होगा
उस ने कहा था ख़त मत लिखना ग़ज़लें लिखते रहना

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ज़िंदगी को गुनगुना कर चल दिए
मौत को अपना बना कर चल दिए

 
उम्र भर की दोस्ती जाती रही

आप ये क्या गुल खिलाकर चल दिए
 

अब यक़ीं उन की ज़बाँ का क्या करें
जो फ़क़त सपने दिखा कर चल दिए

 
आज उन का दिल दुखा शायद बहुत

बज़्म से आँसू बहा कर चल दिए
 

बे-बसी में और क्या करते 'रज़ा'
दर्द-ओ-ग़म अपना सुनाकर चल दिए

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क्या बनाई है दुनिया ख़ुदा बे-बसी के लिए
कितना मुश्किल है जीना यहाँ आदमी के लिए

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इश्क़ में हो तो दवा भी बे-असर है
इश्क़ में तो लोग होते बे-बसर है

जानते ही तो नहीं कैसी बला है
इस लिए अंजाम से वे बे-ख़बर है

छूट जाए साथ तो सूना सा घर है
साथ होते थे, रहे तब बे-क़दर है

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बे बसी की आबरू रक्खी है हम ने इस तरह
हिज्र को बोला है साथी इश्क़ जब रुख़्सत हुआ

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नेकी इक दिन काम आती है हम को क्या समझाते हो
हम ने बे-बस मरते देखे कैसे प्यारे प्यारे लोग

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'बे-बस' शब्द असुरक्षा और नियंत्रण के बिना होने की मानव स्थिति के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर भावनात्मक उथल-पुथल और समर्पण में मिलने वाली मार्मिक सुंदरता को दर्शाता है।

कवि 'बे-बस' का उपयोग निराशा की गहराई या भाग्य को स्वीकार करने में मौन गरिमा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह शक्ति और असुरक्षा के बीच के अंतर को भी चित्रित कर सकता है।

'बे-बस' असुरक्षा में मौन शक्ति को प्रकट करता है, जहाँ समर्पण एक प्रकार की शांत दृढ़ता बन जाता है।