Meaning of

ब'अद

b'ad • بعد

बाद; आगे; परे

after; later; beyond

بعد; آگے; پرے

Arabic

मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है — Waseem Barelvi
आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं — Nasir Kazmi
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए — Jaun Elia
तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है — Ali Zaryoun
सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा — Rahat Indori
भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बा'द — Umair Najmi
मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे — Abbas Tabish

'ब'अद' शब्द समय और स्थान के उस विस्तार का भाव रखता है जो वर्तमान क्षण से परे है। कविता में, यह अक्सर उस प्रतीक्षा या आकांक्षा का भाव जगाता है जो भविष्य में या घटनाओं के विकास में निहित है।

'ब'अद' का उपयोग कवि अलगाव और पुनर्मिलन, समय के प्रवाह, और अज्ञात भविष्य के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह संदर्भ के अनुसार आशा और विषाद दोनों का संकेत दे सकता है।

'ब'अद' अपनी काव्यात्मक सार में आशा और समय के अपरिहार्य प्रवाह के बीच की नाजुक संतुलन को पकड़ता है।