Meaning of

मक़्सूम

maqsoom • مقسوم

विभाजित; बांटा गया

divided; apportioned

تقسیم شدہ; بانٹا گیا

Arabic

ये हिकायत नहीं है, हक़ीक़त है ये इश्क़ की राह पे जो चला रो पड़ा — Radheshyam Tiwari
सारी हिकायत तो मियांँ आईने जैसी साफ़ थी तुम ने ही अपने ज़ेहन में रिश्तों को पेचीदा किया — shahnawaaz khan

'मक़्सूम' शब्द विभाजन या आवंटन का भाव देता है। काव्यात्मक रूप से, यह इच्छाओं के विखंडन या भाग्य के वितरण का प्रतीक हो सकता है। यह नियति के बंटवारे का एहसास कराता है, अक्सर अपरिहार्यता की छाया के साथ।

कवि अक्सर 'मक़्सूम' का उपयोग भाग्य और नियति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह जीवन के विभाजनों की अपरिहार्यता या अस्तित्व के साझा बोझों पर विचार कर सकता है।

काव्यात्मक क्षेत्र में, 'मक़्सूम' जीवन के साझा रास्तों की स्वीकृति की बात करता है। यह हमारी साझा यात्राओं की अपरिहार्यता की एक कोमल स्वीकृति है।