Meaning of

मज़हब-ए-दिल

mazhab-e-dil • مذہب دل

हृदय का धर्म; आंतरिक आस्था

religion of the heart; inner faith

دل کا مذہب; اندرونی ایمان

Persian

मुझ से कहा जिब्रील-ए-जुनूँ ने ये भी वही-ए-इलाही है मज़हब तो बस मज़हब-ए-दिल है बाक़ी सब गुमराही है — Majrooh Sultanpuri

‘मज़हब-ए-दिल’ वाक्यांश एक व्यक्तिगत, अंतरंग आस्था का विचार प्रस्तुत करता है जो औपचारिक धार्मिक प्रथाओं से परे है। यह हृदय की अपनी सच्चाइयों और विश्वासों द्वारा निर्देशित एक आध्यात्मिक यात्रा का संकेत देता है, बाहरी सिद्धांतों के बजाय।

कवियों द्वारा 'मज़हब-ए-दिल' का उपयोग अक्सर प्रेम, भक्ति और व्यक्तिगत सत्य के विषयों को खोजने के लिए किया जाता है। यह संगठित धर्म के विपरीत है, भावनाओं की पवित्रता और ईमानदारी पर जोर देता है। यह सामाजिक मानदंडों और व्यक्तिगत विश्वासों के बीच संघर्ष को भी दर्शा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मज़हब-ए-दिल' आत्मा के लिए एक आश्रय बन जाता है, जहाँ हृदय की फुसफुसाहटें अंतिम सत्य होती हैं।