Meaning of

मज़ारों

mazaaron • مزارات

मकबरे; समाधियाँ

tombs; mausoleums

مقبرے; مزار

Arabic

सर्द मौसम में ठिठुरते हुए जिस्मों के लिए चादरें क्यूँँ न मजारों से उठा ली जाए — Faisal Yaseen
हर मज़ारों के मुक़द्दर में नहीं है मरमर अब नहीं बनते निशाँ ताजमहल के जैसे — Nikhil Tiwari 'Nazeel'
है कौन जिस पे वक़्त ने ढाया सितम नहीं ये चलते फिरते लोग मज़ारों से कम नहीं — Ajeetendra Aazi Tamaam

मूल रूप में, 'मज़ारों' उन स्थानों को संदर्भित करता है जहाँ दिवंगत आत्माएँ विश्राम करती हैं, अक्सर भव्य और गंभीर। कविता ने इस शब्द को स्मृति, श्रद्धा और समय के प्रवाह के विषयों को उजागर करने के लिए अपनाया है, इसे पवित्रता और चिंतन की भावना से भर दिया है।

'मज़ारों' का उपयोग कवि अक्सर मृत्यु और विरासत के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह शाश्वत विश्राम या गुजर चुके लोगों की स्थायी उपस्थिति का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द जीवन की जीवंतता के विपरीत है, जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति की याद दिलाता है।

कविता में, 'मज़ारों' समय के अपरिहार्य प्रवाह और पूर्वजों के स्थायी प्रभाव की गंभीर याद दिलाता है।