Meaning of

मफ़्हूम

mafhoom • مفہوم

अर्थ; अवधारणा

meaning; concept

مفہوم; تصور

Arabic

वो नशा है के ज़बाँ अक़्ल से करती है फ़रेब तू मिरी बात के मफ़्हूम पे जाता है कहाँ — Pallav Mishra
ग़ज़ल में मेरी जब भी लफ़्ज़ आता है ग़ज़ाला वो कहते हैं बता मफ़्हूम लड़की है या हिरनी — A R Sahil "Aleeg"
एक शाइ'र ने दिल-ओ-जान लगा दी इन में कोई अश'आर के मफ़्हूम को छू कर देखे — Sohil Barelvi
तीन शर्तें हैं बस इंसान यहाँ होने की और मफ़्हूम है तीनों का मुहब्बत करिए — Ramnath Shodharthi
समझते आप मफ़्हूम-ए-ग़ज़ाला को मेरी ग़ज़लों में गर ग़ज़ाला कौन है ऐसे सवालात-ए-जिरह करते नहीं — A R Sahil "Aleeg"

'मफ़्हूम' समझ और व्याख्या का भार वहन करता है। कविता में, यह मात्र शब्दों से परे जाकर अर्थ और गहराई की परतों को पकड़ता है, पाठकों को सतह से परे खोजने के लिए आमंत्रित करता है।

कवि अक्सर 'मफ़्हूम' का उपयोग अमूर्त और अमूर्त में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह शाब्दिक और रूपक के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है, समृद्ध व्याख्याओं और व्यक्तिगत संबंधों की अनुमति देता है।

'मफ़्हूम' हमें स्पष्ट से परे देखने के लिए आमंत्रित करता है, अनकहे और अनदेखे में सुंदरता खोजने के लिए। यह काव्यात्मक अन्वेषण की आत्मा है।