Meaning of

मय-कदे

may-kade • مختلف

मदिरालय; शराब का स्थान; सभा

tavern; place of wine; gathering

مے خانہ; شراب کی جگہ; محفل

Persian

ख़ूब-सूरत और भी हैं इस जहाँ में लड़कियाँ
तुम मगर हो जान-ए-जाँ सब लड़कियों से मुख़्तलिफ़

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कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं
जा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के ला

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सुनते हैं इश्क़ नाम के गुज़रे हैं इक बुज़ुर्ग
हम लोग भी फ़क़ीर इसी सिलसिले के हैं

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उस को राँझा मत कहो, जो ना हुआ फ़क़ीर
जो ना जोगन हो सकी, सो काहे की हीर!

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मिरी रौशनी तिरे ख़द्द-ओ-ख़ाल से मुख़्तलिफ़ तो नहीं मगर
तू क़रीब आ तुझे देख लूँ तू वही है या कोई और है

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दिन रात मय-कदे में गुज़रती थी ज़िंदगी
'अख़्तर' वो बे-ख़ुदी के ज़माने किधर गए

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बदल जा तू नहीं तो रब का ये पैग़ाम आएगा
तू ज़ालिम हर जगह से बेबस-ओ-नाकाम आएगा

हमारे मुल्क की बर्बादियों का ज़िक्र जब होगा
सर-ए-फ़ेहरिस्त ऐ ज़ालिम तेरा ही नाम आएगा

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वो और लोग हैं जिन को 'अज़ीज़ है दुनिया
तिरे फ़क़ीर ने दुनिया लुटा के रक़्स किया

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सिकंदर मिलेंगे बहुत इक जगह पर
कभी शाम तुम मय-कदे में गुज़ारो

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गुज़ार देते हैं रातें पहलू में उस के
जुगनू को भी दर का फ़क़ीर बना रखा है

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ख़ूब-सूरत और भी हैं इस जहाँ में लड़कियाँ
तुम मगर हो जान-ए-जाँ सब लड़कियों से मुख़्तलिफ़

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कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं
जा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के ला

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मय-कदे एक मदिरालय की छवि को उभारता है, एक ऐसा स्थान जहाँ आत्माएँ सांसारिकता से बचने के लिए इकट्ठा होती हैं। यह भोग, मित्रता और नशे की कड़वी-मीठी प्रकृति का प्रतीक है, दोनों ही शाब्दिक और रूपक रूप में।

कवि अक्सर 'मय-कदे' का उपयोग पलायन और भोग के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह जीवन, प्रेम और खुशी की खोज पर चिंतन के लिए एक पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करता है, अक्सर वास्तविकता की कठोरता के विपरीत।

मय-कदे सपनों का आश्रय है, जहाँ वास्तविकता धुंधली हो जाती है और दिल को सांत्वना मिलती है।