Meaning of

मय-कशी

may-kashi • مے کشی

मदिरापान; शराब में लिप्तता

wine-drinking; indulgence in wine

مے نوشی; شراب میں مشغولیت

Persian

तू उस निगाह से पी वक़्त-ए-मय-कशी 'ताबाँ' की जिस निगाह पे क़ुर्बान पारसाई हो — Anwar Taban
मिरे तिश्ना लबों को तुम ज़रा सी मय-कशी दे दो तुम्हें डरना नहीं है अब के लब से लब मिला लो तुम — Ali Nazim Adam
ये किस तरह की मय-कशी है कौन सा इलाज है तुम्हें दवा भी चाहिए तो ज़हर के लिबास में — Sanjay Bhat
मय कशी हो के शा'इरी हो शजर मिर्ज़ा ग़ालिब भी मिर्ज़ा ग़ालिब थे — Shajar Abbas
दिल के सभी ग़मों का ये वाहिद इलाज है लोगों ने दे दिया है जिसे नाम मय कशी — Anas Khan
ब-राह-ए-रास्त क्यूँँकर मय-कशी को भला इल्ज़ाम क्यूँ दे बेबसी को — Shivam Ritwik
ख़ुद-कुशी करना गर गुनाह है तो मय-कशी से लगा ले दिल अपना — ABhishek Parashar

मय-कशी आत्मा की उस छवि को उभारती है जो शराब के नशे में खोई हुई है, सांत्वना या पलायन की तलाश में। यह केवल पीने की क्रिया नहीं है, बल्कि सांसारिक बंधनों से मुक्ति की गहरी लालसा है। कविता में, यह लिप्तता के आनंद और दुःख दोनों का प्रतीक है।

कवि मय-कशी का उपयोग पलायनवाद, अस्तित्वीय चिंतन, और सुख-दुःख की द्वैतता की थीमों को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर संयम के विपरीत होता है, जिससे खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति उजागर होती है।

मय-कशी क्षणिक और शाश्वत के बीच का नृत्य है, जीवन के खट्टे-मीठे सार का एक घूंट।