Meaning of

मशरूत

mashroot • مشروط

शर्त पर आधारित; निर्भर

conditional; contingent

شرط پر مبنی; منحصر

Arabic

ये मसअला नहीं है मियाँ धर्म का कोई मशरूत हूँ मैं कुंबा की इज़्जत के नाम पर — 'Sabaa'
यक़ीन-ओ-रब्त ये मशरूत से होते जहाँ बाज़ार होता ज़िंदगी का फिर — Vinod Ganeshpure

'मशरूत' शब्द शर्तों और निर्भरता का भार वहन करता है। अपने मूल अर्थ में, यह किसी ऐसी चीज़ का उल्लेख करता है जो पूर्ण नहीं है, जो कुछ शर्तों या नियमों पर निर्भर करती है। कविता में, यह शब्द अक्सर वादों की नाजुकता और भाग्य की अनिश्चितता को उजागर करता है, जीवन की अप्रत्याशितता की तस्वीर खींचता है।

कवि अक्सर 'मशरूत' का उपयोग शर्तों से बंधे प्रेम, संबंधों के नाजुक संतुलन, और सपनों की क्षणभंगुर प्रकृति की खोज के लिए करते हैं। यह निश्चितता और स्थायित्व को दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत है, जीवन की क्षणिक सुंदरता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मशरूत' जीवन की नाजुक परिस्थितियों की याद दिलाता है। यह अनिश्चितता में पाई जाने वाली सुंदरता की फुसफुसाहट करता है।