Meaning of

मसरूफ़-ए-इंतिज़ार

masroof-e-intizaar • مصروف انتظار

इंतज़ार में व्यस्त; प्रतीक्षा में लीन

occupied with waiting; engrossed in anticipation

انتظار میں مصروف; انتظار میں محو

Persian

जानता है कि वो न आएँगे फिर भी मसरूफ़-ए-इंतिज़ार है दिल — Faiz Ahmad Faiz

यह वाक्यांश प्रतीक्षा की क्रिया में गहराई से व्यस्त होने की भावना को व्यक्त करता है, जहाँ प्रतीक्षा स्वयं एक कार्य बन जाती है। कविता में, यह अक्सर लालसा और समय के बीतने के भावनात्मक भार को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग लालसा की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसी स्थिति का सुझाव देता है जहाँ प्रतीक्षा जीवन का एक सक्रिय, लगभग सब कुछ निगलने वाला हिस्सा बन जाती है। अक्सर प्रतीक्षा की मिठास और कड़वाहट को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, प्रतीक्षा केवल धैर्य नहीं है, बल्कि समय और इच्छा के साथ एक गहन संलग्नता है।