Meaning of

मसरूफ़-ए-तमन्ना

masroof-e-tamanna • مصروف تمنا

इच्छा में व्यस्त; आकांक्षा में लीन

occupied with desire; engrossed in longing

خواہش میں مصروف; آرزو میں محو

Persian

‘मसरूफ़-ए-तमन्ना’ एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहाँ व्यक्ति की सोच और क्रियाएँ इच्छाओं में गहराई से उलझी होती हैं। कविता में, यह स्थिति अक्सर एक सर्वग्राही और सब कुछ समेटने वाली होती है, जहाँ दिल और दिमाग आकांक्षा में व्यस्त होते हैं।

कवि 'मसरूफ़-ए-तमन्ना' का उपयोग अधूरी इच्छाओं और आकांक्षा की सर्वग्राही प्रकृति के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर संतोष या शांति के क्षणों के विपरीत होता है, जो सपनों की बेचैन खोज को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मसरूफ़-ए-तमन्ना' मानव आकांक्षा के सार को पकड़ता है। यह दिल की अंतहीन खोज की याद दिलाता है।