Meaning of

मस्त-ए-बहार

mast-e-bahaar • مست بہار

वसंत से मस्त; सौंदर्य से मोहित

intoxicated by spring; enraptured by beauty

بہار سے مست; حسن سے محو

Persian

यह वाक्यांश उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो वसंत की सुंदरता और पुनरुत्थान में इतना डूबा हुआ है कि वह मस्त प्रतीत होता है। कविता में, यह प्रकृति के आकर्षण के प्रति आनंदमय समर्पण की स्थिति का प्रतीक है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग एक ऐसे चरित्र को चित्रित करने के लिए करते हैं जो प्रकृति की सुंदरता में खो गया है। यह उनके आसपास की दुनिया के साथ गहरे, लगभग आध्यात्मिक संबंध का भी सुझाव दे सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, मस्त-ए-बहार आत्मा की सौंदर्य और नवीनीकरण की लालसा को पकड़ता है।