Meaning of

मावस

maavas • گھنٹو

अमावस्या; काली रात

new moon; dark night

چاند کی رات; تاریک رات

Sanskrit

मैं घंटों आसमाँ में देखता था ज़मीं को पीठ के नीचे लगा के — Siddharth Saaz
कभी घंटों पड़े रहते थे माँ की गोद में इस पर चलो माँ नाम रखते हैं विराट इस चारपाई का — Vishnu virat
एक बाप उतरा है ज़िस्मफ़रोशी के धंधे में दस घण्टों की ख़ातिर मेरा ज़िस्म आप का मालिक — Saahir
अमावस रात देखो पूनम सी दिखती यक़ीनन वो जगी होगी मेरी ख़ातिर — Lalit Mohan Joshi
बिन तुम्हारे बस यही आभास होता हो अमावस रात जैसे, पूर्णिमा में — RAAHI
राम के नाम से उजाले हैं राम की ज़िंदगी अमावस थी — Gaurav Singh
चाँद इतरा रहा है घंटों से एक तस्वीर अपनी भेजो तो — Marghoob Inaam Majidi
केस लिखवा पाए तो ऐसी वकालत हो गई चंद घंटों में महोदय की ज़मानत हो गई — Aatish Indori

मावस शब्द एक ऐसी रात की छवि प्रस्तुत करता है जो चाँदनी से रहित होती है, जब आकाश अंधकार में डूबा होता है। कविता में, यह प्रकाश की अनुपस्थिति अक्सर आत्मनिरीक्षण, एकांत या अज्ञात का प्रतीक होती है। अमावस्या, भले ही अदृश्य हो, नवीनीकरण और संभावनाओं का समय होती है, आत्मा की यात्रा के लिए एक खाली कैनवास।

कवि अक्सर 'मावस' का उपयोग रहस्य और आत्मनिरीक्षण के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह भोर से पहले के अंधकार, प्रतीक्षा या परिवर्तन की अवधि का प्रतीक हो सकता है। पूर्णिमा की रात के साथ इसका विरोध समय और भावना की चक्रीय प्रकृति को उजागर करता है।

मावस कवि को छायाओं में निवास करने के लिए आमंत्रित करता है, अदृश्य और मौन में अर्थ खोजने के लिए।