Meaning of

मा'ज़रत

ma'zarat • معذرت

माफ़ी; क्षमा; बहाना

apology; excuse; pardon

معافی; عذر; بخشش

Arabic

मैं क़ैद था क़फ़स में और वो उड़ रहा था सामने
ये पहली बार था के पंख अहमियत में थे नहीं

मुआ'फ़ कर दिया है हम ने सोच कर के कुछ मगर
तिरे गुनाह तो ऐ यार माज़रत में थे नहीं

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तमाम होश ज़ब्त इल्म मस्लहत के बा'द भी
फिर इक ख़ता मैं कर गया था माज़रत के बा'द भी

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ज़ख़्म खाते खाते छोड़ा साथ दम ने माज़रत
इश्क़ करने की ख़ता कर ली थी हम ने माज़रत

सर पटक कर चीख़ता है दर्द मेरा हर घड़ी
देख मुझ को कह दिया है ख़ुद ही ग़म ने माज़रत

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मैं क़ैद था क़फ़स में और वो उड़ रहा था सामने
ये पहली बार था के पंख अहमियत में थे नहीं

मुआ'फ़ कर दिया है हम ने सोच कर के कुछ मगर
तिरे गुनाह तो ऐ यार माज़रत में थे नहीं

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तमाम होश ज़ब्त इल्म मस्लहत के बा'द भी
फिर इक ख़ता मैं कर गया था माज़रत के बा'द भी

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मा'ज़रत का मूल अर्थ क्षमा माँगने या किसी त्रुटि के लिए स्पष्टीकरण देने से जुड़ा है। कविता में, यह एक गहरी भावनात्मक गहराई को दर्शाता है, जो समझ या सुलह के लिए एक दिल से की गई विनती का संकेत देता है।

कवि अक्सर मा'ज़रत का उपयोग पछतावे और मोचन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अपनी गलतियों को स्वीकार करने की नाजुकता को उजागर कर सकता है। कभी-कभी, यह गर्व या जिद के विपरीत होता है, क्षमा माँगने में साहस को उजागर करता है।

मा'ज़रत विनम्रता और साहस के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाता है। यह हमें नाजुकता में पाए जाने वाले बल की याद दिलाता है।