Meaning of

मिस्रा-ए-ऊला

misra-e-oolaa • مصرع اولی

शेर की पहली पंक्ति; आरंभिक पद

first line of a couplet; opening verse

شعر کی پہلی سطر; ابتدائی مصرع

Persian

हम मुहब्बत की ग़ज़ल का हैं मुकम्मल मतला मिस्रा-ए-ऊला हूँ मैं मिस्रा-ए-सानी तुम हो — Shajar Abbas
मिसरा-ए-ऊला में हर बार तेरा ज़िक्र किया मिसरा-ए-सानी में बस ख़ुद को अधूरा पाया — Amit Nandan Dev

'मिस्रा-ए-ऊला' ग़ज़ल या किसी भी काव्य रूप में, जहाँ शेर महत्वपूर्ण होते हैं, एक प्रमुख स्थान रखता है। यह कविता के स्वर, मूड और अक्सर विषयगत दिशा को निर्धारित करता है। अपनी सरलता में, यह अपेक्षा का भार और काव्यात्मक अन्वेषण का वादा करता है।

कवि अक्सर 'मिस्रा-ए-ऊला' को सावधानी से गढ़ते हैं, यह जानते हुए कि इसे पाठक को कविता की दुनिया में आकर्षित और आमंत्रित करना चाहिए। यह वह द्वार है जिसके माध्यम से शेर का बाकी हिस्सा प्रवाहित होता है।

'मिस्रा-ए-ऊला' कवि की पहली आलिंगन है, शब्दों के नृत्य के लिए एक कोमल निमंत्रण।