Meaning of

मिस्रा-ए-सानी

misra-e-saani • مصرع ثانی

शेर की दूसरी पंक्ति

second line of a couplet

شعر کی دوسری سطر

Persian

'मिस्रा-ए-सानी' शेर की पहली पंक्ति में शुरू किए गए विचार या भावना को पूरा करने का भार उठाता है। यह वह स्थान है जहाँ कवि अक्सर पंचलाइन या भावनात्मक चरमोत्कर्ष प्रस्तुत करते हैं, जिससे शेर अपनी पूर्ण गूंज तक पहुँचता है।

कवि 'मिस्रा-ए-सानी' को समाधान या आश्चर्य देने के लिए गढ़ते हैं। यह पहली पंक्ति की भावना को प्रतिध्वनित कर सकता है या इसे तीव्रता से विपरीत कर सकता है, जिससे एक गतिशील अंतःक्रिया बनती है। दूसरी पंक्ति अक्सर शेर के गहरे अर्थ की कुंजी होती है।

'मिस्रा-ए-सानी' कवि का कैनवास है, जहाँ अनकहा अपनी आवाज़ पाता है।