Meaning of

मुक़द्दम

muqaddam • مقدم

प्रमुख; नेता; मुखिया

foremost; leader; chief

پیشوا; رہنما; سردار

Arabic

क़त्अ कीजे न तअल्लुक़ हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही — Mirza Ghalib
वो मेरे घर नहीं आता मैं उस के घर नहीं जाता मगर इन एहतियातों से तअल्लुक़ मर नहीं जाता — Waseem Barelvi
इस तअल्लुक़ में नहीं मुमकिन तलाक़ ये मोहब्बत है कोई शादी नहीं — Anwar Shaoor
वो दिन भी हाए क्या दिन थे जब अपना भी तअल्लुक़ था दशहरे से दिवाली से बसंतों से बहारों से — Kaif Bhopali
मैं उसे वो मुझ को समझाता रहा पर तअल्लुक़ फिर भी मुरझाता रहा — Madan Mohan Danish
जगह जगह न तअल्लुक़ ख़राब कर मेरा तेरे लिए तो किसी से भी लड़ पड़ूँगा मैं — Zia Mazkoor
तअल्लुक़ जो भी रक्खो सोच लेना कि हम रिश्ता निभाना जानते हैं — Ambreen Haseeb Ambar
ज़िंदगी तुझ से भी क्या ख़ूब तअल्लुक़ है मिरा जैसे सूखे हुए पत्ते से हवा का रिश्ता — Khalish Akbarabadi
तअल्लुक़ में नया इतना हुआ है वो मेरा नाम लेने लग गया है — Madan Mohan Danish
उम्र भर कौन निभाता है तअल्लुक़ इतना ऐ मेरी जान के दुश्मन तुझे अल्लाह रक्खे — Ahmad Faraz

मूल रूप से, 'मुक़द्दम' का अर्थ है वह व्यक्ति जो सबसे आगे हो, दूसरों का नेतृत्व या मार्गदर्शन करता हो। कविता में, यह शब्द अक्सर एक मार्गदर्शक तारे या प्रकाशस्तंभ की छवि प्रस्तुत करता है, जो नेतृत्व और दिशा का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'मुक़द्दम' का उपयोग एक ऐसे नेता के रूप में करते हैं जो अंधकार में मार्गदर्शन करता है। यह एक प्रिय का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है जो दिल का मार्गदर्शन करता है। यह शब्द अनुयायियों या खोए हुए लोगों के विपरीत है।

'मुक़द्दम' कविता में मार्गदर्शन और नेतृत्व का सार प्रस्तुत करता है, मानव भावनाओं के विशाल समुद्र में एक प्रकाशस्तंभ।