Meaning of

मुहताज

muhtaaj • محتاج

ज़रूरतमंद; आश्रित

needy; dependent

ضرورت مند; محتاج

Arabic

ये काम कर रहे हैं पहचान पूछ कर
ये किस तरह सियासत मोहताज हो गई

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ख़ुदा तेरा मोहताज हूँ अपना मोहताज रखना
अता कर बुलंदी, खु़दाई की भी लाज रखना

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ग़ैरों के सहारे का मोहताज नहीं हूँ मैं
मुझ को गिर कर उठने की आदत है यारों

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हाथ फैलाए भी 'साहिल' ने तो रब के आगे
मैं वो मंगता हूँ, जो संसार का मोहताज नहीं

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उस से कहना कि वो अब मुझ सेे किनारा कर ले
ये भी कहना मैं तिरे प्यार का मोहताज नहीं

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मसनद-ओ-ताज या अक़दार का मोहताज नहीं
दिल वो हाकिम है जो दरबार का मोहताज नहीं

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याद-दिलबर और मिसरे वक़्त के मोहताज तो नइं
हम सुख़न-वर और आशिक़, इस घड़ी का क्या करेंगे

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क़ीमतों का हो जो मोहताज चुकाना छोड़ो
अब तो आसान हुआ तर्क-ए-त'अल्लुक़ करना

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ये ख़बरें भी यूँँ बस मोहताज लगती हैं
जो थीं कल सच वही झूठ आज लगती हैं

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ये काम कर रहे हैं पहचान पूछ कर
ये किस तरह सियासत मोहताज हो गई

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ख़ुदा तेरा मोहताज हूँ अपना मोहताज रखना
अता कर बुलंदी, खु़दाई की भी लाज रखना

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मुहताज शब्द एक प्रकार की असहायता और निर्भरता का भाव उत्पन्न करता है। अपने मूल अर्थ में, यह किसी ऐसे व्यक्ति का वर्णन करता है जो दूसरों पर निर्भर होता है। कविता में, यह शब्द अक्सर भावनात्मक या आध्यात्मिक निर्भरता को दर्शाता है, जो मानव संबंधों की नाजुकता और पूर्णता की लालसा को उजागर करता है।

कवि अक्सर 'मुहताज' का उपयोग लालसा और इच्छा के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की अपने प्रिय पर निर्भरता या आत्मा की दिव्य संबंध की खोज को दर्शा सकता है। यह शब्द आत्मनिर्भरता के विपरीत है, दूसरों की आवश्यकता की सुंदरता और दर्द को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मुहताज' मानव स्थिति का प्रतिबिंब बन जाता है। यह हमें हमारी साझा कमजोरियों और निर्भरता और प्रेम के जटिल नृत्य की याद दिलाता है।