Meaning of

मुहाल

muhaal • محال

असंभव; अप्राप्य

impossible; unattainable

ناممکن; ناقابل حصول

Arabic

इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया — Jigar Moradabadi
वो हाल था कि बस मिरा उठना मुहाल था लेकिन फिर एक ख़्वाब की तकमील से उठा — Kashif Husain Ghair
दुआएँ दे रहे हैं उस को ज़िंदगी की मगर हमीं हैं जिस ने कि जीना मुहाल कर दिया है — Afzal Ali Afzal
आप चाहें तो जान ले लें पर आप जीना नहीं मुहाल करें — Sumit Panchal
ये कार-ए-मुहाल कर लिया है अब ख़ुद को बहाल कर लिया है — Lekhak Suyash
जो कह रहे थे कि जीना मुहाल है तुम बिन बिछड़ के मुझ सेे वो दो दिन उदास भी न रहे — Meraj Faizabadi
जहान भर में अजब मुहाली पड़ी हुई है किसान तेरी ज़मीन ख़ाली पड़ी हुई है — Sarul
बदन का बोझ उठाना भी अब मुहाल हुआ जो ख़ुद से हार के बैठे तो फिर ये हाल हुआ — Umar Farooq
मेरा जीना मुहाल कर मौला मैं ने दिल बा वफ़ा का तोड़ा है — Mohd Arham

'मुहाल' शब्द किसी ऐसी चीज़ का बोध कराता है जो पहुँच से बाहर या साकार नहीं हो सकती। कविता में, यह अक्सर उन अप्राप्य इच्छाओं और सपनों का प्रतीक होता है जो मानव आत्मा को सताते हैं।

कवि 'मुहाल' का उपयोग कुछ प्रयासों की व्यर्थता, असंभव की लालसा, और सपनों की bittersweet प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मुहाल' उन सपनों के सार को पकड़ता है जो हमारी पकड़ से ठीक परे नृत्य करते हैं।