Meaning of

मुहाल

muhaal • محال

असंभव; अप्राप्य

impossible; unattainable

ناممکن; ناقابل حصول

Arabic

यार तू भी कमाल करता है
गाल मेरे यूँँ लाल करता है

ख़्वाब में नींद में चला आए
मेरा जीना मुहाल करता है

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इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल
इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया

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जो कह रहे थे कि जीना मुहाल है तुम बिन
बिछड़ के मुझ सेे वो दो दिन उदास भी न रहे

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वो हाल था कि बस मिरा उठना मुहाल था
लेकिन फिर एक ख़्वाब की तकमील से उठा

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वो जिस की याद ने जीना मुहाल कर रखा है
उसी की आस ने मुझ को सँभाल कर रखा है

सियाह रातों में साए से बातें करता है
तुम्हारे ग़म ने नया रोग पाल कर रखा है

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दुआएँ दे रहे हैं उस को ज़िंदगी की मगर
हमीं हैं जिस ने कि जीना मुहाल कर दिया है

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जहान भर में अजब मुहाली पड़ी हुई है
किसान तेरी ज़मीन ख़ाली पड़ी हुई है

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आप चाहें तो जान ले लें पर
आप जीना नहीं मुहाल करें

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ये कार-ए-मुहाल कर लिया है
अब ख़ुद को बहाल कर लिया है

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हम जिसे ज़िन्दगी समझते रहे
उस ने जीना मुहाल कर डाला

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यार तू भी कमाल करता है
गाल मेरे यूँँ लाल करता है

ख़्वाब में नींद में चला आए
मेरा जीना मुहाल करता है

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इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल
इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया

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'मुहाल' शब्द किसी ऐसी चीज़ का बोध कराता है जो पहुँच से बाहर या साकार नहीं हो सकती। कविता में, यह अक्सर उन अप्राप्य इच्छाओं और सपनों का प्रतीक होता है जो मानव आत्मा को सताते हैं।

कवि 'मुहाल' का उपयोग कुछ प्रयासों की व्यर्थता, असंभव की लालसा, और सपनों की bittersweet प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मुहाल' उन सपनों के सार को पकड़ता है जो हमारी पकड़ से ठीक परे नृत्य करते हैं।