Meaning of

मौसम-ए-बहार

mausam-e-bahaar • موسم بہار

वसंत ऋतु; नवीनीकरण का समय

season of spring; time of renewal

بہار کا موسم; تجدید کا وقت

Persian

लगाया है मुझे गले से उस ने जबसे बा-ख़ुदा ये धूप मुझ को मौसम-ए-बहाराँ लगने लग गई — Kartik tripathi
ये बर्ग-ए-गुल हैं मौसम-ए-बहार के जो दिल पे छाले पड़ गए हैं प्यार के — Raj Tiwari
कि हस्ब-ए-काएनात में जो मुस्कुरा रहा हूँ मैं ख़िज़ाँ में जैसे गुल खिला है मौसम-ए-बहार का — Raj Tiwari

मौसम-ए-बहार शब्द चित्रित करता है खिलते फूलों और मृदुल पवनों की छवि। कविता में, यह केवल ऋतु नहीं बल्कि भावनात्मक नवीनीकरण और आशा का समय भी है। वसंत का आगमन अक्सर नए आरंभ और आत्मा के पुनरुत्थान का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर 'मौसम-ए-बहार' का उपयोग प्रेम के खिलने, कठिनाइयों के अंत, और प्रकृति की सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सर्दी की कठोरता के विपरीत, गर्माहट और जीवन का प्रतीक है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मौसम-ए-बहार' जीवन के चक्रीय स्वभाव और नवीनीकरण के सतत वादे की कोमल याद दिलाता है।