Meaning of

रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल

rang-e-taghazzul • رنگ تغزل

छेड़खानी का रंग; प्रेमपूर्णता का रंग

color of flirtation; hue of amorousness

چھیڑ چھاڑ کا رنگ; محبت بھری رنگت

Persian

मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में — Anis shah anis

मूल रूप से, 'रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल' एक चंचल और हल्के-फुल्के संवाद का संकेत देता है। कविता में, यह छेड़खानी और रोमांस के नाजुक नृत्य का सार पकड़ता है, भावनाओं को जीवंत रंगों से चित्रित करता है।

कवि अक्सर 'रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल' का उपयोग प्रेम की चंचल प्रकृति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह एकतरफा प्रेम के गंभीर स्वरों के साथ विरोधाभास करता है, रोमांटिक भावनाओं के स्पेक्ट्रम को उजागर करता है।

शब्दों के नृत्य में, 'रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल' प्रेम के कैनवास पर रंग की बौछार जोड़ता है।