Meaning of

रंज़

ranz • رنج

दुःख; शोक; पीड़ा

grief; sorrow; distress

رنج; غم; تکلیف

Persian

तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से — Dagh Dehlvi
ये ग़म नहीं है कि हम दोनों एक हो न सके ये रंज है कि कोई दरमियान में भी न था — Jamal Ehsani
टूटते रिश्तों से बढ़कर रंज था इस बात का दरमियाँ कुछ दोस्त थे, और दोस्त भी ऐसे, के बस — Renu Nayyar
ख़ामुशी से हुई फ़ुग़ाँ से हुई इब्तिदा रंज की कहाँ से हुई — Ada Jafarey
ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का — Javed Akhtar
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ — Ahmad Faraz
अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत बिछड़ने वाले में सब कुछ था बे-वफ़ाई न थी — Naseer Turabi
अब के बार मिल के यूँँ साल-ए-नौ मनाएँगे रंजिशें भुला कर हम नफ़रतें मिटाएँगे — Unknown

'रंज़' गहरे दुःख और शोक की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर व्यक्तिगत हानि या भावनात्मक पीड़ा से जुड़ा होता है। कविता में, यह हृदय की पीड़ा और मानव स्थिति के साथ आने वाले गहन विषाद को पकड़ता है।

कवि 'रंज़' का उपयोग हानि और भावनात्मक उथल-पुथल के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह अक्सर 'खुशी' जैसे शब्दों के विपरीत होता है, जो दुःख और आनंद के बीच के अंतर को उजागर करता है। यह शब्द साझा मानव पीड़ा की भावना को जागृत करता है।

'रंज़' उन दुखों की मार्मिक याद दिलाता है जो हम सभी को बांधते हैं। यह दुःख के सार्वभौमिक अनुभव को व्यक्त करता है।