Meaning of

रक़्स

raqs • رقص

नृत्य; गति; लय

dance; movement; rhythm

رقص; حرکت; تال

Arabic

रक़्स करना है तो फिर होश की पाज़ेब उतार आलम-ए-वज्द में ही बे-ख़बरी आती है — Rajesh Reddy
मैं होश-मंद हूँ ख़ुद भी सो मेरी ग़ज़लों में न रक़्स करता है आशिक़ न बाल खींचता है — Charagh Sharma
ये किस ने फ़ोन पे दी साल-ए-नौ की तहनियत मुझ को तमन्ना रक़्स करती है तख़य्युल गुनगुनाता है — Ali Sardar Jafri
उस के दर पर वहशतों का रक़्स तो जारी रखो इम्तिहाँ हो या न हो पर अपनी तैयारी रखो — Nirmal Nadeem
वो और लोग हैं जिन को 'अज़ीज़ है दुनिया तिरे फ़क़ीर ने दुनिया लुटा के रक़्स किया — Dharmesh bashar
ज़ब्त करो गर ग़म के बादल छाए हैं, रक़्स करो के बारिश आने वाली है — Darpan
हो न हो एक ही तस्वीर के दो पहलू हैं रक़्स करता हुआ तू आग में जलता हुआ मैं — Shahid Zaki
देख ज़िंदाँ से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख — Majrooh Sultanpuri
आँखें ग़ज़ाल हिरनी हैं ज़ुल्फ़ घटा सावन पर्वत पे रक़्साँ कोई बादल लगती हो — ALI ZUHRI
ये मिरी ग़ज़ल का मिज़ाज है कि वो क़ाफ़िए के ख़िलाफ़ है कभी रक़्स करती है अक्स पर अभी आईने के ख़िलाफ़ है — divya 'sabaa'

'रक़्स' का मूल अर्थ नृत्य है, जो गति और लय का उत्सव है। कविता में यह शारीरिक से परे जाकर जीवन के नृत्य, भावनाओं के उतार-चढ़ाव और ब्रह्मांड की लय का रूपक बन जाता है।

कवि अक्सर 'रक़्स' का उपयोग भावनाओं के नृत्य या ब्रह्मांडीय नृत्य को दर्शाने के लिए करते हैं। यह आनंद, स्वतंत्रता या जीवन के अनिवार्य चक्रों का प्रतीक हो सकता है।

'रक़्स' शरीर और आत्मा दोनों में गति का सार पकड़ता है, एक शाश्वत नृत्य जिसे कवि निरंतर मनाते रहते हैं।