Meaning of

रक्साँ

raksaan • رقصاں

नृत्यरत; झूमता हुआ

dancing; swaying

رقص کرتا ہوا; جھومتا ہوا

Persian

आँखें ग़ज़ाल हिरनी हैं ज़ुल्फ़ घटा सावन पर्वत पे रक़्साँ कोई बादल लगती हो — ALI ZUHRI
है वही कश्ती पुरानी है वही दरिया मेरा जिस पे तू आने न पाया है वही रस्ता मेरा मैं मिरी मसरूफ़ियत से तंग आ जाता हूँ दोस्त मुझ को सीने से लगा के वक़्त कर ज़ाया' मेरा अपनी वहशत का तक़ाज़ा ढूंढता हूँ दर-ब-दर ले गया है कोहकन जिस रोज़ से तेशा मेरा याद कर कूचा-नवर्दी,याद कर उल्फ़त के दिन याद कर बातें मेरी और याद कर चेहरा मेरा जब हवाएँ थक गईं थीं कोशिशें कर दश्त में रेत तब रक्साँ हुई थी चूम कर साया मेरा बारिशों को मौसमों का खेल सब कहते हैं पर रो पड़े थे अब्र-पारे जान कर क़िस्सा मेरा आँख वो हँसती रही तो खिल उठे सूखे गुलाब आँख वो रोने लगी तो रो पड़ा सहरा मेरा ख़ुसरवान-ए-शहर मैं हो जाऊँगा इक लम्स से और फ़क़त इक दीद से भर जाएगा कासा मेरा मैं किताबों के जहाँ का एक ख़ुशक़िस्मत किताब नाव बच्चों ने बनाया फाड़ कर सफ़्हा मेरा उस नज़र को ख़्वाहिशों का शौक़ दे मेरा ख़याल उस जबीं को रौशनी देता रहे बोसा मेरा मैं मुसलसल बंद करता हूँ मगर फिर दम-ब-दम याद उस की खोलती जाती है दरवाज़ा मेरा — Prasoon

'रक्साँ' शब्द एक सुंदर गति की छवि प्रस्तुत करता है, जो शारीरिक और रूपक दोनों है। कविता में, यह जीवन की लय, भावनाओं की झूम और विचारों के नृत्य को दर्शाता है जो नदी की तरह बहते हैं।

'रक्साँ' का उपयोग कवि अक्सर प्रकृति के नृत्य, पेड़ों की झूम, या खगोलीय पिंडों की गति को दर्शाने के लिए करते हैं। यह आंतरिक उथल-पुथल या आनंद, प्रेम या निराशा में दिल के नृत्य का प्रतीक भी हो सकता है।

'रक्साँ' अपने काव्यात्मक सार में अस्तित्व के अनंत नृत्य को समेटे हुए है, जहाँ हर कदम एक कहानी है, हर झूम ब्रह्मांड की एक फुसफुसाहट।