Meaning of

रसन

rasan • رسن

रस्सी; डोरी; बंधन

rope; cord; bond

رسی; ڈوری; بندھن

Sanskrit

चले भी आओ भुला कर सभी गिले-शिकवे बरसना चाहिए होली के दिन विसाल का रंग — Azhar Iqbal
याद आई तिरे पैरों की खनकती पायल आम सा प्रश्न था संगीत किसे कहते हैं — Neeraj Neer
बेतरतीब बरसने लगती हैं आँखें इन से सूखे गाल नहीं देखे जाते — Shiva awasthi
प्रश्न चश्में पर खड़ा कर दे रही आप की मौजूदगी भी ख़ूब है — Atul K Rai
जब से तू ने ये बोला था "बदन का क्या है मिट्टी है" तब से तेरी पीठ पे मुझ को हरसिंगार उगाने थे — Siddharth Saaz
प्रश्न रहता यही है जी से जी भूल पाएँगे तुम को जीते जी — Aarush Sarkaar
सभी की पर्सनल इक ज़िंदगी है हमें इक शख़्स ये समझा गया था — Kush Pandey ' Saarang '
दौड़ता हूँ ज़िंदगी के वास्ते पर मौत आने तक तरसना है ज़मीं पे — Vinod Ganeshpure

रसन शब्द रस्सी या डोरी का ठोस अर्थ रखता है, कुछ ऐसा जो बांधता या एक साथ रखता है। कविता में, यह अपनी भौतिकता से परे जाकर लोगों, भावनाओं या विचारों के बीच अदृश्य बंधनों का प्रतिनिधित्व करता है। यह संबंध और प्रतिबंध की छवियों को उत्पन्न करता है, वे बंधन जो स्वतंत्रता और सीमाओं दोनों का प्रतीक हैं।

कवि 'रसन' का उपयोग संबंध और अलगाव के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह प्रेम, परिवार या समाज के बंधनों का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर लालसा या कैद के संदर्भों में प्रकट होता है, जहां बंधनों को संजोया भी जाता है और चुनौती भी दी जाती है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'रसन' मानव संबंधों के सार को पकड़ता है। यह हमें हमारे संबंधों में निहित शक्ति और नाजुकता की याद दिलाता है।