Meaning of

रस्म-ओ-रिवाज

rasm-o-rivaaj • رسم و رواج

रिवाज; परंपराएँ

customs; traditions

رسمیں; روایات

Persian

सभी रस्म-ओ-रिवाजों से परे 'अंचल' चलो ऐसी भी इक दुनिया बसाते हैं — Anchal Maurya
दीवाना दिल तू भी माने है रस्म-ओ-रिवाज दिल भी जाने है — Manohar Shimpi
हम सेे ज़ंजीर तक नहीं टूटी कैसे रस्म ओ रिवाज़ टूटेंगे — Shivam chaubey

यह वाक्यांश सामाजिक मानदंडों और सांस्कृतिक प्रथाओं की निरंतरता का भार दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर उन परंपराओं के बंधन को दर्शाता है जो व्यक्तिगत और सामूहिक पहचान को आकार देते हैं।

कवि इसका उपयोग व्यक्तिगत इच्छाओं और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच तनाव को उजागर करने के लिए करते हैं। यह इन मानदंडों से मुक्त होने या उनके अनुरूप होने के संघर्ष को उजागर कर सकता है।

रस्म-ओ-रिवाज परंपरा और परिवर्तन के बीच की नाजुक नृत्य को दर्शाता है, जो मानव अनुभव में सदैव प्रासंगिक है।